जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर, जस्ट राइट्स फाॅर चिल्ड्रन की सहयोगी संस्था एमडीडी आफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत बाल विवाह मुक्ति रथ ने बेरी ब्लाक के अनेक गांव में जागरूकता अभियान चलाया। इस कड़ी में मंगलवार को बाल विवाह मुक्ति रथ ने 20वें दिन बेरी ब्लाक के गांव में जागरूकता फैलाई। जिला समन्वयक मनोज कुमार ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में लोगों को जागरूक किया। एसडीएम बेरी रेणुका नांदल ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ समाज को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनके अधिकार मिलना बहुत जरूरी है ताकि उन अधिकारों के पाने से वह उच्चतम शिक्षा प्राप्त करते हुए अपने जीवन को सफल बना सके। उन्होंने कहा कि मां-बाप की जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने बच्चों को सबल बनाए ताकि फिर वह बेटा बेटी अपने गांव, समाज, राज्य और देश का नाम रोशन कर सके। मार्केट कमेटी बेरी के सचिव विधा सागर ने कहा कि आज हमें बहुत प्रसन्नता महसूस हो रही है कि हम एक ऐसी मुहिम को आगे बढ़ाने में लगे हैं, जो समाज को बेहतरी की तरफ लेकर जाएगा। बाल विवाह ना हो, यह जिम्मेदारी हम सभी की बनती है। इसके लिए हम अपने अपने स्तर पर प्रयास करके बाल विवाह मुक्त जिले का निर्माण कर सकते हैं। नगर पालिका चेयरमैन देवेंद्र कादियान उर्फ बिल्लू पहलवान ने कहा कि बाल विवाह एक हिंसा है। इससे उस किशोरी जिसका बाल विवाह हो रहा है, उसके जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। बाल विवाह एक लड़की को आर्थिक, मानसिक, शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है, इसलिए हम सभी को एकजुट होकर बाल विवाह मुक्त जिला बनाने हेतु निरंतर अभियान चलाने की जरूरत है, तभी हम समाज में बदलाव ला पाएंगे।इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्त अनिल कुमार, जिला समन्वयक मनोज कुमार, पुनम, पीतांबर शर्मा, राजेश खत्री, वीरेंद्र कादयाण, राजवीर राठी मौजूद रहे।