लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने से ही देश व हरियाणा की जनता नेताओं को सम्मान देती है। कांग्रेस पार्टी ने अपने अलोकतांत्रिक व्यवहार से राजनीतिक संतुलन खो दिया है, इसलिए राहुल गांधी और दूसरे कांग्रेसी नेताओं के बयानों को देश में गंभीरता से नहीं लिया जाता। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दृष्टिकोण हमेशा जो चाहा वो किया वाला है। इन्होंने देश पर लंबे समय तक मनमाने ढंग से राज किया। आज भी मनमानी का स्वभाव कांग्रेस के रक्त में है। इसी कारण कांग्रेस पतन की ओर अग्रसर है। धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में लोक लाज और मर्यादा को ध्यान में रखकर ब्यान दिए जाते हैं। लोकतांत्रिक परंपराओं का आदर राजनीति में सर्वोपरि होना चाहिए। कांग्रेस के पक्ष हो तो सब ठीक, पक्ष में परिणाम न आए तो सब कुछ गलत, यह धारणा ठीक नहीं है। राहुल गांधी पार्टी की लगातार हार की हताशा में बोल रहे हैं, जिसमें कोई गंभीरता नहीं है और न ही देश में कोई गंभीरता से लेता है। संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कांग्रेस की मनमानी वाला ही तरीका है। इनके प्रधानमंत्री चुनाव हार गए तो संविधान में ही संशोधन कर अपने नेता को कानून से ऊपर कर दिया। देश के लोगों ने आवाज उठाई तो इमरजेंसी लगाकर लोगों जेलों में डाल दिया और अमानवीय यातनाएं दीं।