जिले के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में जहां खिलाड़ियों के लिए सुविधाओं की कमी है, वहीं बास्केटबाल पोलों की हालत भी खराब है। एक-दो खेल ग्राउंड को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर बास्केटबाल पोल या तो जर्जर हो चुके हैं या फिर क्षतिग्रस्त होकर लटके हुए हैं। उनकी सुध सालों से खेल विभाग ने नहीं ली है, ऐसे में वहां भी हादसे होने का डर बना हुआ है। जिले में कुल 17 राजीव गांधी खेल स्टेडियम हैं, जहां पर अलग-अलग खेल के कोच खिलाड़ियों को प्रेक्टिस करवाते हैं। इन सभी 17 राजीव गांधी खेल स्टेडियम में बास्केटबाल कोट बनाया हुआ है। जब राजीव गांधी खेल स्टेडियम का निर्माण हुआ था, तब बास्केटबाल कोट बनाना अनिवार्य किया गया था। इन राजीव गांधी खेल स्टेडियम में लगभग 6 साल पहले खेलों का सामान आया था। उस समय बास्केटबाल के पोल भी लगाए गए थे। तब से लेकर आज तक यह पोल जर्जर हो चुके हैं तो कहीं टूटे पडे़ हैं, लेकिन इनकी सुध नहीं ली गई है। वहीं खेल विभाग की तरफ से सभी जिलों के खेल स्टेडियम और वहां लगे उपकरणों के बारे में रिपोर्ट मांगी है। विभाग की तरफ से जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। तलाव में टूटे पडे़ पोल राजीव गांधी खेल स्टेडियम तलाव का जब दौरा किया गया तो हालात खराब निकले। राजीव गांधी खेल स्टेडियम तलाव के बास्केटबाल कोट में दोनों तरफ पोल लगे हुए थे, लेकिन इनकी हालत जर्जर हो चुकी थी। सरफेस टूटा हुआ था और पूरे पोल पर जर्जर हालत में था। यदि कोई गलती से भी यहां प्रेक्टिस करें तो यह कभी भी टूटकर गिर सकता है। इस तरफ खेल विभाग का कोई ध्यान नहीं है। शेरिया गांव में टूटकर लटका पड़ा पोल राजीव गांधी खेल स्टेडियम शेरिया में भी बास्केटबाल पोल टूटा पड़ा है और जर्जर हालत में है। पिछले कई सालों से पोल टूटकर लटका हुआ है, जो कभी भी हादसे का कारण बन सकता है, लेकिन इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।