बेरी में वर्षों से लगते आ रहे गधों और घोड़ों के मेले के बाज और अभिराज सिरमौर बने हुए हैं। दोनों की कीमत भी इतनी है कि बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियां भी इनके सामने फीकी नजर आती हैं। बेरी में हर साल माता भीमेश्वरी मेले के दौरान गधों व घोड़ों का मेला भी लगता है। राजस्थान के पुष्कर के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला है। इस मेले में देशभर से लोग अपने गधे, खच्चर व घोड़ों को बेचने के लिए आते हैं। मेले में पहुंचे पशुओं के बीच लोगों के आकर्षक का केंद्र केवल दो घोड़े रहे। दोनों अलग-अलग जगहों में ही बंधे हुए थे और इनकी सुंदरता हर किसी को आकर्षित कर रही थी। घोड़ा बाज के मालिक कृष्ण ने बताया कि उसके घोड़े की कीमत लाखों में लग चुकी है, मगर वो घोड़े को बेचना नहीं चहता। इसे शोकियां तौर पर रखा हुआ है। ये है बाज की खुराक घोड़ा मालिक कृष्ण ने बताया कि हर रोज 6 किलो चने, 10 लीटर दूध ओर 200 ग्राम देशी घी का चूरमा खाता हैं, जिसका खर्च एक माह का लगभग 30 हजार रुपये हैं। हरियाणा में सबसे ऊंचा घोडा बाज की उम्र करीब तीन वर्ष है और इसकी ऊंचाई 70 इंच है। यह नुकरा नस्ल का घोड़ा है और दो दांत वाला हरियाणा का सबसे ऊंचा घोड़ा हैं, जिसकी सुंदरता और साज-सज्जा लोगों को बेहद पसंद आती है। अभिराज की करोड़ों कीमत लगी, मालिक बोला परिवार का सदस्य पशु मेले में पहुंचा अभिजीत का बच्चा अभिराज के मालिक गांव सिसाना सोनीपत निवासी राजकुमार ने बताया कि अभिराज की कीमत करोड़ों रुपये लग चुकी हैं। यह हमारा परिवार का सदस्य है और बेरी मेले में इसको नुमाइश के लिए लेकर पहुंचे हैं। झुंझनु मेले में सुंदरता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया और राजस्थान के पुष्कर मेले में चौथा स्थान हासिल किया था।