झज्जर के डावला गांव के शहीद हुए कर्ण सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार को गांव पहुंचेगा, जहां तागे वाला तालाब के पास शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद के चाचा धर्मेंद्र ने बताया कि कर्ण बचपन से ही अनुशासनप्रिय था और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहता था। वह परिवार के साथ-साथ गांव के लोगों को भी मेहनत के लिए प्रेरित करता था। कर्ण से प्रेरित होकर परिवार के चार अन्य सदस्य भी सरकारी नौकरी पर लगे। इसी के चलते कर्ण का नाम गांव में डीसी रख दिया गया था।