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हिसार: संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग को लेकर महिला संगठनों ने दिया धरना

संसद में महिलाओं की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग को लेकर महिला संगठनों ने आक्रोश जताते हुए लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया।महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन में कांग्रेस की पदाधिकारियों के अलावा जनवादी महिला समिति सहित अन्य संगठनों की सदस्य शामिल हुई। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण के नाम पर भाजपा नौंटकी बंद करे। संसद की 543 सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। यह बिल 2023 में ही पारित हो चुका है। कांग्रेस की महिला विंग जिला अध्यक्ष संतोष जून ने संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर देश की आधी आबादी को गुमराह कर रही है। 33 प्रतिशत आरक्षण के भीतर ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए विशेष कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए।कांग्रेस हमेशा महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की पक्षधर रही है। कांग्रेस के समय राजीव गांधी की सरकार ने पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया। जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष शकुंतला जाखड़ ने कहा कि 2014 से सत्ता में होने के बावजूद भाजपा ने इस दिशा में देरी की है। वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल को जनगणना या परिसीमन के नाम पर लटकाने के बजाय इसे तुरंत आगामी चुनावों से ही लागू किया जाना चाहिए।

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