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गांव चानौत में पेयजल दिक्कत का आठ जून तक नहीं हुआ समाधान तो आमरण अनशन करेंगे ग्रामीण

चानौत गांव में पेयजल को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। धरना आज 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है। हांसी के विधायक विनोद भयाना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब धरना कमेटी ने भी प्रेस वार्ता कर विधायक के दावों को चुनौती दी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विधायक जनता को गुमराह कर रहे हैं और यदि 9 जून तक समाधान नहीं निकला तो गांव के लोग आमरण अनशन शुरू करेंगे। चानौत गांव में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धरना कमेटी प्रमुख अनूप चानौत ने कहा कि विधायक विनोद भयाना द्वारा गांव की पेयजल समस्या को लेकर लगातार झूठी जानकारी दी जा रही है। उनका कहना है कि गांव की मूल समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है और चुनाव के दौरान किए गए वादे अब तक पूरे नहीं किए गए हैं। अनूप चानौत ने कहा कि हांसी शहर को जाने वाली पाइपलाइन से चानौत गांव को पेयजल कनेक्शन देना सबसे व्यवहारिक और जनहितकारी समाधान है। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से नई पाइपलाइन बिछाने पर होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च से बचा जा सकता है और करीब ढाई करोड़ रुपये की सरकारी राशि की बचत होगी, जिसे अन्य विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। धरना कमेटी ने विधायक के अमृत-2 योजना संबंधी बयान पर भी सवाल उठाए। अनूप चानौत ने कहा कि यह योजना केवल शहरों तक सीमित नहीं है और आवश्यकता पड़ने पर गांवों को भी इससे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि 28 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 गांवों और 33 ढाणियों को जोड़ने की घोषणा की थी। उनका आरोप है कि विधायक जनता को गुमराह कर रहे हैं जबकि चानौत गांव के अधिकांश लोग शहरी पाइपलाइन से जुड़ना चाहते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में धरना कमेटी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में विधायक कोटे से चानौत गांव को कोई विशेष विकास राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 23 दिनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा। धरना कमेटी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 9 जून से ग्रामीण आमरण अनशन शुरू करेंगे। ऐसे में अब सभी की नजरें सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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