क्रांतिमान पार्क में हुई छात्र हित महापंचायत में दस छात्र संगठनों के पदाधिकारियों , खाप प्रतिनिधियों, सामाजिक लोगों, राजनेताओं ने करीब 5 घंटे तक मंथन किया है। सभी छात्र संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए। छात्र नेताओं ने कहा कि उन पर एक विचार धारा थाैंपने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा और रोजगार खतरे में हैं। खाप प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि हरियाणा के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में कुछ चुनिंदा संगठनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। महापंचायत में शामिल लोगों ने हिसार जीजेयू घटनाक्रम, एनआईटी कुरुक्षेत्र में विद्यार्थियों की आत्महत्या घटनाक्रम की जांच की मांग उठाई। डॉ. अजय चौटाला, दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला की अगुवाई में आयोजित छात्र हित महापंचायत में छात्र हितों के लिए बनाई गई 31 सदस्यीय कमेटी में चौटाला परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं किया गया। आयोजन स्थल पर कहीं पर भी जजपा का झंडा, बैनर नहीं लगाया गया। डीएएसएफआई प्रधान संजू बौद्ध ने कहा कि सरकार को इसलिए चुना गया था कि शिक्षण संस्थानों का विकास हो, लेकिन इन्हें राजनीति का अड्डा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में एक ही कोर्स की फीस में बड़ा अंतर है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्र नेता उमांशी लांबा ने कहा कि छात्रों को रात में उठाकर कार्रवाई करना लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही है। इससे डर का माहौल बनाया जा रहा है।एएमवीए के प्रधान सुमित बापोड़ा ने कहा कि छात्र हिताें को कुचला जा रहा है।एआईडीएसओ के प्रधान उमेश आर्य ने कहा कि हमें अनुमति नहीं मिलती, अपनी आवाज उठाएं तो एफआईआर दर्ज कर लेते हैं। डीएसई के प्रधान गुरमेल सिंह ने कहा साजिश के तहत शिक्षा व राेजगार से वंचित किया जा रहा है। बाहर के लोगों को हरियाणा में लगाया जा रहा है। एससी, बीसी, ओबीसी ,सामान्य वर्ग के 125 में से 100 पदों को खाली छोड़ा जा रहा है। आम आदर्मी पार्टी की छात्र विंग के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ ने कहा कि हमारे राजनीतिक विचार भले ही न मिलते हों लेकिन हम छात्रों के मुददे पर एकजुट हैं। मंजू जाखड़ ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कार्यक्रम के दस दिन बार हम पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। इनसो प्रधान दीपक मलिक ने कहा कि हमारे साथियों को आधी रात बाद आतंकवादियों की तरह गिरफ्तार किया गया। सीडीएलयू से छात्र नेता उर्वशी, मन्नू चौधरी जाखल, मालिक चौधरी कृष्णपाल, मेरठ के जयबीर, योगेश शर्मा,अज्जू घणघस, हरकेश ढांडा, मंजू जाखड़, सपना सिंह, हरेंद्र बैनीवाल, विशेष अहलावत, मनोज सिवाच ने विचार रखे। छात्र नेता हरिकेश ने कहा कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों में अलग-अलग फीस ली जा रही है। जब छात्र इन मुद्दों का विरोध करते हैं तो उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता है।पीएसएफ के पदाधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि छात्राें की आवाज को दबाया जा रहा है। एचएवी के पदाधिकारी मनोज सिवाच ने कहा कि यूनिवर्सिटी से ही लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्र संगठन इनसो, एएसएपी, पीएसएफ, डीएएसएफआई, एएमवीए,आईएसएफ के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनका मकसद शिक्षण संस्थानों के हो रहे भगवाकरण से बचाना है। आज सभी शिक्षण संस्थानों में सेमिनार के जरिए एक विचारधारा का पाठ पढ़ाकर छात्रों की सोच सीमित रखने की साजिश की जा रही है। मैं सीडीएलयू सिरसा से पीएचडी छात्र होने के नाते महापंचायत में आया हूं । आप सभी खाप प्रतिनिधियों से अपील करता हूं कि आज एजुकेशन सिस्टम को बचाने की जरूरत है। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती में भी सरकार बाधा बन रही है। जब कोई सरकार की इन सभी गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है तो सरकारी तंत्र का प्रयोग करके उसकी आवाज को दबाया जाता है। छात्रों और हमारे कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने अत्याचार किया है। उन्हें न्याय मिलना चाहिए। जजपा युवा विंग प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने कहा कि भाजपा से जुड़े संगठन एबीवीपी, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद को विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम करने की तुरंत अनुमति दे दी जाती है। डॉ. बीआर आंबेडकर, शहीद भगत सिंह, जननायक चौधरी देवीलाल जैसे महापुरुषों की विचारधारा पर चलने वाले संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। भाजपा से जुड़े संगठन के कार्यक्रमों के लिए स्टाफ से 500 से लेकर 10000 रुपये तक की पर्ची के नाम पर लूट मचाई जा रही है। हरियाणा में बाहरी राज्य के लोगों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है। प्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव कराए जाने चाहिएं। सर्वजातीय जाटू खाप 84 के प्रधान कैप्टन भीम सिंह मिताथल, अखिल भारतीय भट्ट कल्याण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार भट्ट, झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़, काजला राष्ट्रीय खाप के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मांगेराम काजला, सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रधान चौ. ओमप्रकाश कंडेला, खेड़ा खाप प्रधान सतबीर शर्मा, सिंहमार खाप प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, दहाड़न खाप के पूर्व प्रधान सूरजभान घसो, सोमदत्त शर्मा थूवा-तपा, भीम आर्मी शेखर रंगा, संतलाल आंबेडकर, राखी 12 खाप के उपप्रधान युद्धवीर ढांडा, भ्याण जागलान खाप के प्रधान राजकुमार प्रिंसीपल, मौन खाप राष्ट्रीय अध्यक्ष दलबीर सिंह, नैन खाप के पूर्व प्रवक्ता मास्टर राजेंद्र सिंह, सतगामा सुनारिया खाप के प्रधान जयकुमार बुधवार, ओमप्रकाश कलकल, नैन खाप के उपप्रधान भगत सिंह नैन, बलवान दनौदा, खाप 84 के प्रधान छेलूराम चेयरमैन, सांगवान खाप के प्रतिनिधि ताराचंद, कुंडू खाप के युवा प्रधान मनदीप कुंडू पहुंचे। 31 सदस्यीय कमेटी में शामिल सदस्य अनंतराम तंवर, बलवान नैन दनौंदा, सोमदत्त शर्मा, ओमप्रकाश कंडेला- कंडेला खाप,सूरजभान दाड़न खाप, ओमप्रकाश लौरा- लौरा खाप,दलबीर सिंह - मौण खाप, सतबीर प्रधान खेड़ा खाप, बलवान सिहं सातबास, राजकुमार प्रिंसिपल , मास्टर राजेंद्र, दीपक मलिक इनसो प्रधान, दीपक धनखड़ प्रधान एसएपी , सुमित बापोड़ा एएनवीए ,सतीश कुमार पीएसएफ, उर्वशी अरोड़ा सीडीएलयू, ईशु सैनी केयूके, संजू बौद्ध डीएएसएफआई, मनोज सिवाच एचएवी, हरिकेश ढांडा, रवि आहूजा प्रधान भगत सिंह मार्केट ,एडवोकेट श्वेता शर्मा, विजेंद्र धानक, मंजू जाखड़, अजायब सिंह, एडवोकेट मंदीप बिश्नोई, प्रो अनिल कुमार, राजेंद्र चुटानी, रणधीर सिंह, अजीत कुमार, अजमेर मलिक।