उत्तर पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ (एनआरडब्ल्यूईयू) के आह्वान पर सोमवार को अखिल भारतीय मांग दिवस के अवसर पर हिसार रेलवे स्टेशन पर रेल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। जोनल प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी और मनमाने ढंग से लिए जा रहे निर्णयों के खिलाफ कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की । प्रदर्शनारियों ने रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ किया कि प्रशासन लगातार कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने मांग की कि आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया तुरंत शुरु कर एक जनवरी 2026 से संशोधित वेतन-भत्ते लागू करना, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और निजीकरण पर रोक, रेलवे आवासों की जर्जर हालत में सुधार और नई कॉलोनियों का निर्माण, पॉइंट्समैन और ट्रैक मेंटेनर्स के लिए बेहतर ग्रेड-पे और ड्यूटी की परिस्थितियों में सुधारीकरण आदि किया जाये। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एनडब्ल्यूआरईयू हिसार के शाखा अध्यक्ष सुरेश चौधरी व शाखा सचिव कृष्ण कौशिक ने जोनल प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रदर्शन रेलवे प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ एक शंखनाद है। जोनल प्रशासन कर्मचारियों की जायज मांगों पर निर्णय लेने के बजाय अपनी मनमर्जी से फैसले थोप रहा है। हम दिन-रात मेहनत करके रेल का पहिया चलाते हैं, लेकिन जब हमारे हक की बात आती है, तो प्रशासन मौन साध लेता है। चाहे वह रनिंग स्टाफ के भत्ते हों या खाली पदों को भरने की बात, हर मोर्चे पर कर्मचारियों को छला जा रहा है। सुरेश चौधरी ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने अपना अडिय़ल रवैया नहीं बदला, तो हिसार शाखा आगामी दिनों में चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेगी। प्रदर्शन में सैंकड़ों की संख्या में रेल कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में एक स्वर में यह संकल्प लिया गया कि जब तक 8वें वेतन आयोग और अन्य स्थानीय समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर सभी विभागों के सैंकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।