हांसी। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों को पुलिस प्रशासन ने डिटेन करना शुरू कर दिया। नगर परिषद परिसर में मौजूद महिला सफाई कर्मचारियों को भी पुलिस अपने साथ ले गई। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर प्रशासन की मौजूदगी में सफाई ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा शहर में जमा कचरा उठाया गया। कचरा उठाने के दौरान देशभक्ति के गीत बजाए गए और कुछ लोग हाथों में तिरंगा झंडा लिए भी नजर आए। इसके बाद इस पूरी कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे कि आखिर सफाई व्यवस्था के दौरान देशभक्ति गीत और तिरंगे के इस्तेमाल का उद्देश्य क्या था। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सफाई व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई को देशभक्ति से जोड़ना जरूरी था या फिर हड़ताल के बीच प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए कोई अलग संदेश देने की कोशिश की गई। दूसरी ओर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उन्हें जबरन डिटेन किया गया। कर्मचारियों ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। हांसी के SDM राजेश कोथ ने कहा कि शहर में काफी कचरा जमा हो गया था और कचरा उठाना सभी का अधिकार है। हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है, इसलिए रविवार को कचरा उठवाया गया। उन्होंने कहा कि कचरा उठाने वाले कर्मचारी भी सफाई का ही काम कर रहे हैं। हालांकि, जब SDM राजेश कोथ से धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलजीत ने कहा कि कर्मचारी किसी भी दबाव से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को जबरन डिटेन किया गया है और वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। बलजीत ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, कूड़ा हमारी लाशों के ऊपर से होकर उठेगा, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। पुलिस कार्रवाई और कर्मचारियों की नारेबाजी के चलते नगर परिषद परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। एक तरफ प्रशासन के सामने शहर में जमा कचरे को उठाकर सफाई व्यवस्था बहाल करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि हिरासत और वैकल्पिक सफाई व्यवस्था के बाद क्या प्रशासन और कर्मचारियों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलेगा या फिर हड़ताल के चलते टकराव और बढ़ेगा। साथ ही, कचरा उठाने के दौरान तिरंगे और देशभक्ति गीतों के इस्तेमाल को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रशासन की ओर से क्या स्पष्टता दी जाती है, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।