हांसी में बुधवार को खरकड़ा स्थित सिवानी फीडर पर नहरी पानी चोरी रोकने गई सिंचाई विभाग की टीम पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच तेज कर दी है। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों और कर्मचारी यूनियन में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि 29 जुलाई की रात सिंचाई विभाग के जेई, कैनाल गार्ड और अन्य फील्ड कर्मचारी नहरी पानी चोरी रोकने के लिए गश्त पर निकले थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना में विभागीय कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का भी आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से कर्मचारियों में रोष बना हुआ है। जेई जितेंद्र जाखड़ ने कहा कि यदि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह सभी फील्ड कर्मचारियों के साथ हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन, ब्रांच हांसी के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि विभाग के फील्ड कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर नहरी पानी की चोरी रोकने और टेल तक किसानों को पानी पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो हांसी ब्रांच के सभी फील्ड कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।