खरकड़ा गांव में सिंचाई विभाग की टीम पर हुए हमले के बाद विभाग ने अब पानी चोरी करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। कार्यकारी अभियंता के नेतृत्व में 10 जेई और चार दर्जन से अधिक कैनाल गार्डों की टीम ने पेटवाड़ पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी व सिवानी फीडर नहर क्षेत्र में छापेमारी कर एक दर्जन से अधिक पानी चोरी के मामले पकड़े। मौके पर डीजल इंजन, कई मोटरें विभाग द्वारा उठा लिया गया। अवैध रूप से लगे पाइपों को नष्ट किया गया। विभाग का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और जहां भी पानी चोरी मिलेगी। आज इन सब एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।विभाग का कहना है कि किसानों तक टेल तक पानी पहुंचाने के लिए पानी चोरी पर सख्ती जरूरी है। आपको बता दे कि पहले भी पानी चोरी के मामले में 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। 25 लोगों पर FIR दर्ज के बाद 29 जुलाई की रात खरकड़ा स्थित सिवानी फीडर पर पानी चोरी रोकने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम पर किसानों पर हमला करने का आरोप लगा था। इस हमले में दो जेई और एक कैनाल गार्ड घायल हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन अब तक चार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। सिंचाई विभाग के जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नहरों से अवैध तरीके से पानी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया कि पानी चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर लगातार कार्रवाई होगी। वहीं सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन, हांसी शाखा के प्रधान अशोक यादव ने कहा कि कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर किसानों तक नहरी पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उन पर हमला करने वाले अब भी खुले घूम रहे हैं। उसी के बाद आज कार्यवाही की गई है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि कल तक तीन शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बैठक के बाद काम छोड़कर हड़ताल पर जाने का बड़ा फैसला लिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कार्यकारी अभियंता अजय कुंडु ने बताया कि नहरी पानी चोरी करने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य नहर के पानी की चोरी रोकना और पानी की चोरी रोकना हमारा काम है। दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग की टीम ने एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर नहरी पानी चोरी में इस्तेमाल हो रही बिजली की मोटर, डीजल इंजन और अवैध पाइपों को मौके पर ही नष्ट कर दिया।