शहर से 18 किलोमीटर की दूरी पर बसा गांव खरड़ अलीपुर स्वतंत्रता सेनानियों व खिलाड़ियों के नाम से जाना जाता है। जहां इस गांव के लोगों ने आजाद हिंद फौज में शामिल होकर अंग्रेजों से लोहा लिया था, वहीं अब यहां के युवा खेल के मैदान में गांव, प्रदेश व देश का नाम बुलंद कर रहे हैं। 12 हजार से ज्यादा की आबादी वाले इस गांव की एक और खासियत है और वह यहां बने मंदिर। इस गांव में भगवान ब्रह्मा का मंदिर भी है। ग्रामीणों का दावा है कि पुष्कर के अलावा सिर्फ उनके गांव में ही भगवान ब्रह्मा का मंदिर स्थापित है। इसके अलावा गांव में सैकड़ों साल पुराना शिव मंदिर भी है और मंदिर का शिवालय भी प्राकृतिक है। सबसे पहले इस गांव के इतिहास की बात करें तो वर्ष 1445 में दिल्ली के महरौली से आए खैरा राम सहरावत ने आकर इस गांव को बसाया था। इनके नाम से ही गांव का खरड़ पड़ा था। यह सहरावत गौत्र का प्रदेश में सबसे बड़ा गांव है। खैरा राम के 5 लड़के थे। इनमें एक नियाणा, दो अलीपुर, एक खरड़ व एक नाथुवास में रहने लगा था। पुरानी डब्ल्यूजेसी नहर गांव के बीच से गुजरती थी। पूर्वजों ने पानी की उपलब्धता को देखते हुए यह गांव बसाया था।