बढ़ती महंगाई,रसोई गैस-पेट्रोल-डीज़ल और बिजली के रेट में बढ़ोतरी के मुद्दों पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने खाली गैस सिलिंडर लेकर लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भाजपा चुनाव में महंगाई कम करने के बड़े बड़े वादे करती है, चुनाव खत्म होते ही बिजली, गैस, पेट्रोल ,बिजली सभी के रेट बढ़ा देती है। धरने को संबोधित करते हुए पार्टी जिला सचिव कामरेड दिनेश सिवाच ने कहा कि देश में एक ओर जहां जनता बेरोजगारी की मार झेल रही है। दूसरी ओर केंद्र की और प्रदेश की भाजपा सरकारों की कॉर्पोरेट् परस्त नीतियों के चलते मंहगाई के बोझ से कठिनाई में जीवनयापन के लिए विवश है। लोकलुभावन नारों के बलबूते सत्ता में आई भाजपा सरकार लगातार बिजली, पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है। दुनिया में क्रूड ऑयल की कीमतें न्यूनतम स्तर पर है लेकिन देश में पेट्रोल डीज़ल, रसोई गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं ।पिछले 5 वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों ने पेट्रोल डीज़ल से 35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स वसूली की है। 2014 के मुकाबले क्रूड के रेट आधे रेट होने के बाद भी देश में पेट्रोल दोगुने भाव पर मिल रहा है । सरकार के चहेते पूंजीपति 5 सालों में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक मुनाफा कमा चुके हैं। जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। हाल में रसोई गैस की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी और हरियाणा सरकार के बिजली रेट में बढ़ोतरी ने तो महंगाई से त्रस्त जनता की कमर ही तोड़ दी है।