हांसी। हरियाणा रोडवेज की 15 सूत्रीय मांगों को लेकर हांसी डिपो के कर्मचारियों ने शुक्रवार से दो दिवसीय चक्का जाम शुरू कर दिया। सांझा संघर्ष समिति के आह्वान पर हिसार डिपो में पिछले 56 दिनों से चल रहे धरने के समर्थन में यह आंदोलन किया जा रहा है। हड़ताल के चलते हांसी डिपो की करीब 75 बसें पूरे दिन डिपो परिसर में ही खड़ी रहीं, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। ट्रैफिक मैनेजर सतबीर सिंह न तो कार्यालय में मिले और उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला, जिससे यात्रियों को जानकारी तक नहीं मिल सकी। आपको बता दे कि कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ, मेडिकल बिल, एलटीसी बिल, अन्य बकाया भुगतान और यहां तक कि पेयजल कैंपर जैसी बुनियादी मांगें भी पूरी नहीं की गई हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2023 के लंबित एलटीसी बिलों का भुगतान अब तक कर्मचारियों के खातों में नहीं पहुंचा, जबकि सरकार की ओर से राशि जारी करने की बात कही गई थी। इसी तरह मेडिकल बिल भी लंबे समय से लंबित पड़े हैं। चक्का जाम के कारण हांसी डिपो से एक भी बस अपने निर्धारित रूट पर नहीं चली और सभी 75 बसें डिपो में ही खड़ी रहीं। अधिकारियो की यह जिम्मेदारी बनती है कि वैकल्पिक व्यवस्था यात्रियों के लिए की जानी चाहिए थी। बस सेवा बंद होने से आम लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।