गैस की किल्लत का असर अब गरीबों के निवाले पर पड़ने जा रहा है। सिलिंडर नहीं मिले तो गरीबों को खाना उपलब्ध कराने वाली सस्ती कैंटीन बंद करने की नौबत आ जाएगी। श्रम विभाग की ओर से संचालित की जा रही अंत्योदय आहार कैंटीनों में 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जाता है। करीब 700 लोगों को रोजाना खाना खिलाने वाली इन कैंटीन पर गैस संकट आया हुआ है। नागरिक अस्पताल में 10 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने वाली प्रसादम संस्था , निशुल्क भोजन कराने वाले रोटी बैंक को भी गैस किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। श्रम विभाग की ओर से जिले में दो अंत्योदय आहार कैंटीन संचालित की जा रही है। जिसमें एक कैंटीन ऑटो मार्केट के सामने पड़ाव चौक के पास चलाई जा रही है। जिसमें रोजाना करीब 400 लोग खाना खाते हैं। गरीब लोगाें को दस रुपये में रोटी, सब्जी, दाल, चावल उपलब्ध कराया जाता है। आकाश महिला स्वयं सहायता समूह इस कैंटीन को संचालित करता है। समूह की सदस्य नीलू ने बताया कि कैंटीन में करीब 400 लोगों का खाना रोजाना बनाते हैं। पिछले एक सप्ताह से सिलिंडर नहीं मिल रहा यहां एक सिलिंडर चार से पांच दिन ही चलता है। अब खाना बनाने में दिक्कत आ रही है। हमने बिजली का चूल्हा ऑर्डर किया है। इस पर रोटी बनाएंगे। सब्जी बनाने के लिए अभी तय नहीं हो सका। दिक्कत लंंबी चली तो कैंटीन में खाना बंद करने की नौबत आ जाएगी। आजाद नगर में समता समूह की ओर से अंत्योदय कैंटीन चला रही हैं। यहां करीब 250 से 300 लोगों को रोजाना खाना खिलाया जाता है। समूह की सदस्य अनीता ने बताया कि अभी गैस को लेकर समस्या है। हमने खाने के लिए लकड़ी का चूल्हा शुरु किया है। गैस के बिना रोटी बनाने में काफी दिक्कत आ रही है। सेक्टर 14 में भी महिला स्वयं सहायता समूह गरीब लोगों को 10 रुपये में भोजन कराने के लिए अंत्योदय कैंटीन चलाता है। यहां रोजाना करीब 200 लोग खाना खाते हैं। गैस की कमी के चलते इन लोगाें ने उधार के सिलिंडर लेकर काम चलाया है। हम चार जगह पर भोजन उपलब्ध कराते हैं। जिसमें सेक्टर 14, सेवक सभा अस्पताल, नागरिक अस्पताल तथा रात के समय रेलवे स्टेशन के बाहर 10 रुपये में भरपेट वाली थाली उपलब्ध कराते हैं। हम करीब 1100 से 1200 लोगों का खाना उपलब्ध कराते हैं। गैस नहीं मिलने के कारण डीजल भठ्ठी से खाना बना रहे हैं। जिस पर रोजाना 4 से 5 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्चा बढ़ गया है। -कृष्ण गर्ग, संचालक, प्रसादम। पहले हम कॉमर्शियल सिलिंडर लेते थे। अब गैस नहीं मिल रही। रोजाना करीब 200 लोगों को खाना उपलब्ध कराते हैं। अब लकड़ी से खाना तैयार करा रहे हैं। खर्चा व समय दोनों ज्यादा समय लग रहा है। खाना बनाने वाले कुक भी धुएं के कारण परेशान हो गए हैं। आज भी हमने गैस एजेंसी से बातचीत की थी। उन्होंने चार से पांच दिन में गैस आने की बात कह रहे हैं।- राजेंद्र सिंह ,प्रधान , श्रीराम रोटी बैंक, जनसेवा ट्रस्ट। एचएयू कर्मी धर्मपाल डीएन कॉलेज रोड स्थित भारत गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के पास तीन कंपनियों की कॉपी है। किसी पर भी गैस नहीं मिल रही है। रोजाना चक्कर लगा रहे हैं। बुकिंग के बिना ही वापस लौट जाते हैं। फोन से गैस बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं लेकिन बुकिंग नहीं हो पा रही। पहले जिले में 34 एजेंसियों पर करीब 25 हजार बुकिंग होती थी। अब रोजाना 68 हजार बुकिंग हो रही हैं। घरेलू गैस की आपूर्ति में बुकिंग के बाद तीन से चार दिन का समय लग रहा है। हमारी 8 टीम लगातार गैस एजेंसियों की जांच कर रही हैं। डीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी की मंगलवार को पहली बैठक होगी। जिसमें स्कूल, कॉलेज ,शादी समारोह के आवेदनों पर फैसला लिया जाएगा। -अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार।