अखिल भारतीय किसान सभा की हिसार तहसील कमेटी ने पड़ाव के तीसरे दिन लघु सचिवालय के बाहर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। किसानों ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। अगर किसानों की मांगों को नहीं माना गया तो लघु सचिवालय पर पक्का मोर्चा लगाएंगे। किसानाें को संबोधित करते हुए किसान नेता शमशेर नंबरदान ने कहा कि अभी तक बाढ़ प्रभावित गांवों के हालात सुधारने के लिए कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। रबी की फसलों की बिजाई के समय डीएपी का प्रबंध नहीं किया गया है, जबकि प्राइवेट दुकानों पर ब्लैक में डीएपी पूरी मात्रा में मिल रहा है। प्राइवेट दुकानों द्वारा खाद के साथ अन्य दवाइयां व बीज जबरदस्ती किसानों को दिया जा रहा है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों से पानी की निकासी नहीं की जा रही है और ना ही फसलों की पूरी गिरदावरी की गई है। फसल बीमा के नाम पर कंपनियां लूट रही हैं और क्रॉप कटिंग के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों के मांग व मुद्दों पर अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। इसलिए अब किसान सभा आगे बड़ा आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। धरना को किसान सभा के राज्य उपप्रधान शमशेर नम्बरदार, मंगल नैन कुलेरी, राजबीर सरपंच न्योली, हर्षदीप गिल, सुधीर, राजीव मलिक, नेकी डाबड़ा आदि किसान नेताओंं ने भी संबोधित किया।