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हिसार में किसान आंदोलन फिलहाल थमा, 7 मांगों पर प्रशासन ने भरी हामी

हिसार। जिले की नहरों में 2 सप्ताह पूरा पानी की मांग को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को किसान कमेटी और प्रशासन की बातचीत में बनी सहमति के बाद स्थगित हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के साथ जल्द मीटिंग करवाने का आश्वासन दिया। जिस किसान सहमत हो गए। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने बताया कि इस बैठक में 7 मांगों पर सहमति बनी है। किसानों ने एलान किया कि अगर जल्द ही मंत्री से नहीं मिलवाया तो हजारों किसान मंत्री आवास की ओर पैदल कूच करेंगे। नहरों में दो सप्ताह नहरी पानी सहित 7 अन्य मांगों को लेकर पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति व संयुक्त जल संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर पड़ाव डाला था। मंगलवार को डीसी की अनुपस्थिति में किसानों की 12 सदस्यीय कमेटी की एडीसी शालिनी चेतल, एसडीएम ज्योति मित्तल , कृषि उप निदेशक डॉ. राजबीर सिंह, एलडीएम सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों की तरफ से मुख्य सात मांगे रखी गई ।जिनको प्रशासन ने पूरा करवाने की सहमति दे दी । दो सप्ताह नहरी पानी की मांग पर अधिकारियों ने यह मांग उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर की है। जिसको सिंचाई मंत्री ही पूरा कर सकती हैं। प्रशासनिक अधिकारी सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से समय लेकर समिति की उनसे बातचीत करा सकती है। किसानों ने इस मांग को लेकर भी सहमति दे दी है।इससे पहले किसानों ने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव संदीप सिवाच ने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारियों ने हमारी मांगों पर सहमति दी है। जल्द ही इन मांगों पर काम शुरु होने की संभावना है। इन मांगों पर बनी सहमति: खेतों में बिजली की हाइटेंशन लाइन पर किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा, बिना मुआवजा टावर खड़ा नहीं करेंगे घग्घर ड्रेन को कई पॉइंट पर पक्का करने व क्षमता बढ़ाने का काम जल्द शुरू करवा दिए जाएगा। ब्लैक में यूरिया, डीएपी बेचने, नैनो यूरिया थौंपने वाले डीलर का लाइसेंस तुरंत कैंसिल होगा। किसानों का बैंक ने फसल बीमा प्रीमियम काटने के बाद कंपनी को जमा नहीं करवाया है उनको बैंक की तरफ से क्लेम दिलाया जाए 2 साल से सोलर ट्यूबवेल के पैसे जमा करा चुके तो तथा उनको ट्यूबवेल नहीं मिला ,ऐसे किसानों को एक सप्ताह में पैसे रिफंड किए जाएंगे। सभी टेलों तक पूरा पानी उपलब्ध कराया जाए

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