हिसार लघु सचिवालय परिसर स्थित जिला सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में पहुंचे सांससद जयप्रकाश ने कहा कि इस्तीफा देने को अब भी तैयार हूं इंटरनेशनल एयरपोर्ट तो बनाओ। इस्तीफा तो इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दावा करने वाले भाजपा नेताओं को देना चाहिए। अगर हिसार में इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता तो यहां का विकास होता। एयरोड्रम से क्या विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद भी यहां अपने संबोधन में 92वां एयरोड्रम बोला है। आप पीएम का भाषण फिर से सुन लीजिए। अगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाते तो मैं तो गुडलिया यानी घुटनों के बल चलकर जाता। मेरे शहर के विकास के लिए मुझे बहुत बड़ी खुशी होती। मीडिया से बातचीत करते हुए सांसद जयप्रकाश ने कहा कि भाजपा ने इसे एयरपोर्ट कहकर बेर को अंगूर कहकर बेचने का कोशिश की। एयरपोर्ट के नाम पर यह भाजपा का ईवेंट मैनेजमेंट था। एयरपोर्ट की सुरक्षा अब भी सवालिया निशानों में है। महाराजा अग्रसेन के नाम से इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना है तो लाइसेंस पर हिसार एयरोड्रम क्यों लिखा है। भाजपा ने महाराजा अग्रसेन का एयरोड्रम के कागजों में कहीं नहीं लिखा। कांग्रेस की सरकार में 2013 में हिसार एयरपोर्ट को इंटरनेशल एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसको लेकर हरियाणा सरकार ने पत्र भी लिखा था। इसी पूरी तैयारी हो चुकी थी। केंद्र सरकार ने इंटरनेशल एयरपोर्ट को यूपी के जेवर में शिफ्ट कर दिया। हिसार के हिस्से एयरोड्रम बनाया। जब कारगो फ्लाइट 300 एकड़ में शुरू हो सकती थी तो क्यों 7200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया। इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।मुझे आशंका है कि यह जमीन अपने किसी मित्र को सौंपने के लिए कोशिश की जा रही है। यह 140 लाख करोड़ की जमीन लूटने का प्रयास है।