राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बलिदान दिवस पर जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने मनरेगा से जुड़े मुद्दे को लेकर गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थल पर सांकेतिक धरना दिया। धरने का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार हैं। उन्होंने सत्य, अहिंसा और गरीब के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के नाम पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) शुरू की थी, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार देना था। केंद्र सरकार इस योजना में बदलाव कर महात्मा गांधी के विचारों और अस्तित्व को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा में 90 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती थी, लेकिन नई व्यवस्था के तहत हरियाणा सरकार को 40 प्रतिशत खर्च उठाना होगा।हरियाणा सरकार पहले से ही कर्ज में डूबी हुई है, जिससे यह योजना सही ढंग से लागू नहीं हो पा रही है। भाजपा सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात कर रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि पुरानी मनरेगा योजना को कमजोर किया जा रहा है और मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही समय पर भुगतान। गांवों में 70 से 80 वर्ष के लाचार बुजुर्गों की फैमिली आईडी में आय बढ़ाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, पूर्व मंत्री अंतर सिंह सैनी, पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला, प्रभारी हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस उमा सोनी, एआईसीसीएम राष्ट्रीय सचिव साक्षी चौधरी, पीसीसी सदस्य भूपेंद्र सिंह गंगवा ,धर्मवीर गोयत, पूर्व चेयरमैन कर्ण सिंह रानोलिया,पूर्व चेयरमैन सुखबीर सिंह डूडी ,आनंद जाखड़,महिला जिला अध्यक्ष ग्रामीण संतोष जून आदि उपस्थित रहे।