हिसार की मंडियों में बाजरा की आवक बढ़ती जा रही है। मगर मंडियों में पहुंच रहा बाजरा की क्वालिटी निम्न स्तर की है। कलर फेड है और नमी की मात्रा भी ज्यादा है। इस कारण अभी तक बाजरा की सरकारी खरीद नहीं हो सकी। अभी तक मंडियों में पहुंचा बाजरा प्राइवेट एजेंसी ने ही खरीदा है। शनिवार तक जिले की मंडियो में 2238 मीट्रिक टन बाजरा पहुंचा है। इसमें से प्राइवेट एजेंसी ने 2223 क्विंटल बाजरा खरीद लिया है। वहीं, जिले की मंडियों में अभी तक बासमति धान और गैर बासमति धान 3493 मीट्रिक टन पहुंचा। इसमें से 3044 मीट्रिक टन की सरकारी खरीद की जा चुकी है। यदि बाजरा का पांच प्रतिशत तक कलर फेड हो तो सरकारी रेट पर खरीद लिया जाता है। मगर मंडियों में पहुंचने वाला बाजरा 26 प्रतिशत तक फेड है। वहीं, नमी की मात्रा भी 18 से 19 प्रतिशत तक है। जबकि 13 प्रतिशत तक होनी चाहिए। ऐसे में मानकों पर खरा नहीं उतरने पर बाजरा की सरकारी खरीद नहीं हो रही है।