फोटो संख्या 1 संवाद न्यूज एजेंसी हांसी। हरियाणा के पूर्व वित्त मंत्री एवं इनेलो के प्रधान महासचिव संपत सिंह ने भाजपा सरकार पर गांवों में अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार जिन लोगों को अवैध कब्जाधारी बता रही है, वे पिछले 50 वर्षों से उन जमीनों पर रह रहे हैं। कई लोगों के जमीन संबंधी दस्तावेज और रसीदें समय के साथ गुम हो चुकी हैं, जबकि पंचायतों ने उन्हें यह जमीन विधिवत अलॉट की थी। चानौत टी प्रकरण पर संपत सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को पानी मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। जिसके कारण ग्रामीण वर्षों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली से ऐसा लगता है कि वह ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं चाहती। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए संपत सिंह ने कहा कि हुड्डा के पास कोई ठोस आंकड़े नहीं हैं। वह झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस, दोनों के शासनकाल में हरियाणा की स्थिति बिगड़ी है। शिक्षा व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने शिक्षा के क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया और आज स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। एसआईआर प्रक्रिया कराना सही है, लेकिन इसे आसान बनाने की बजाय कठिन बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एसआईआर को जातीय समीकरणों से जोड़ दिया है, जो देश की एकता के लिए खतरनाक है।