श्यामसुख गांव मै शनी मंदिर जयंती व मूर्ति स्थापना के अवसर पर सोमवार को विशाल भंडारा, जागरण व मेले का आयोजन किया गया। और सुबह सवा आठ बजे हवन यज्ञ मै ग्रामीणों ने आहुति डालकर सुख शांति के लिए कामनाये गईं। उसके बाद गुरु गोरख नाथ धुणा, श्री हनुमान मंदिर, शनिदेव, भैरव नाथ, भगवान शिव मंदिरों मै देवी देवताओं को विधि विधान से भोग लगाकर भंडारे का शुभारम्भ किया गया। भंडारे मै संत महात्माओ सहित ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। उसके बाद सवा ग्यारह बजे जागरण का शुभारम्भ महंत मुकेश गिरी ने दीप प्रजवलित कर किया गया। इस दौरान गायक - मा हम्मीद साँवरिया,आशा दुहान, दीपक मतलोढा, कसन भारती द्वारा भजन बालाजी तेरा सजा दिया दरबार, काला काला कहव है गुजरी, काले हो उठवा दे मन मटकी, बजरंगबली तेरा क्या कहना है, मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया जाने, मारी रे बगड़ में लिए मेरी मां आ के दरस दिखाइए मेरी मां आदि भजनो पर श्रद्धालु घूमने को मजबूर हो गए। इस दौरान भजनो के बीच श्री हनुमान जी, भोलेनाथ-माता पार्वती जी , राधा कृष्ण आदि सुन्दर सुन्दर झाँकिया निकाली गईं वही मेले मै महिलाएं बच्चे बुजुर्गों सहित खिलौने सहित अन्य सामान की खरीददारी करते नजर आये। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। इस दौरान शनि देव मंदिर के पुजारी राकेश गहलोत ने कहा कि शनिदेव की कृपा हमेशा बनी रहती इस दौरान शनि महाराज की पूजा के साथ शनि स्वरूप की पूजा तेल से अभिषेक काले वस्त्र आदि अर्पण करने से शनि महाराज खुश होकर भक्तों रक्षा करते हैं। इस मौके पर शनि देव सेवा समिति के सदस्य व ग्रामीण उपस्थित रहे।