चानौत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर धरना कमेटी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़े सभी 26 गांव सहयोगी की भूमिका निभाएंगे, जबकि आंदोलन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसलों की कमान चानौत धरना कमेटी के पास ही रहेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, हर दिन इन गांवों से 20 से 30 ग्रामीण चानौत पहुंचकर धरने में शामिल होंगे। कमेटी ने अगले 168 दिनों की रूपरेखा जारी कर दी है। आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए रोघी और बूरा खाप के कुल 26 गांव अब एकजुट होकर इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। कमेटी का कहना है कि आगे भी अन्य गांवों को इस मुहिम से जोड़ा जाएगा। आने वाले हर रविवार एक गांव अपनी 36 बिरादरी के साथ पूरी ताकत के साथ चानौत पहुंचेगा। धरना कमेटी सत्यवान दुहन ने बताया कि आने वाले अगले 26 रविवारों का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है, जिससे करीब छह महीने तक आंदोलन को लगातार गति मिलती रहेगी। जरूरत पड़ने पर बीच-बीच में बड़े कार्यक्रमों और महापंचायतों का भी आयोजन किया जाएगा। हिसार में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्य्रकम में भी मिलकर धरना कमेटी पानी की मांग उठाएगी। धरना कमेटी मुख्य अनूप चानौत ने बताया कि 17 जुलाई को जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान टी कनेक्शन की मांग उठाई जाएगी। इस कार्यक्रम में उत्तर भारत की सारी खापें, सामाजिक संगठन और किसान संगठनों को भी शामिल करने की तैयारी है। इसकी रणनीति तय करने के लिए 10 जुलाई को चानौत गांव में सभी खापों, सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों की बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में आमरण अनशन को लेकर भी चर्चा होगी। कमेटी ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए अन्य गांवों से भी सहयोग की अपील की है। इसके तहत चानौत गांव की कमेटी गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से संपर्क करेगी और आंदोलन के समर्थन में सहयोग जुटाएगी। धरना कमेटी ने बताया कि आज चानौत गांव के समर्थन में ओल्ड रोहतक और दिल्ली देहात की विभिन्न खापों के प्रतिनिधि भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।