संवाद न्यूज एजेंसी टोहाना। पक्का मोर्चा स्थल पर सोमवार को 5 किसान जत्थेबंदियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता किसान नेता जगतार सिंह ने की। बैठक में फैसला लिया गया कि 22 तारीख को राज्यसभा सांसद सुभाष बराला के डांगरा स्थित निवास का घेराव किया जाएगा। इस दौरान केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ होने वाली फ्री ट्रेड डील को रद्द करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में जगतार सिंह ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जिस तरह ट्रेड डील की तरफ बढ़ रही है, उससे देश के किसान, डेयरी और कृषि आधारित कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएंगे। उन्होंने कहा, "इस डील के तहत अनाज, दाल, सब्जी, फल, मीट, दूध और तेल जैसी तमाम कृषि उपज बिना टैक्स के अमेरिका से भारत आएंगी। उधर अमेरिका भारत पर 18 प्रतिशत टैक्स लगा रहा है और 500 प्रतिशत तक टैक्स लगाने की बात कर रहा है। हमारी सरकार फिर भी फ्री ट्रेड डील की तैयारी कर चुकी है।" जगतार सिंह ने तर्क दिया कि अमेरिका में 2 से 4 हजार एकड़ के कॉर्पोरेट किसान हैं, जबकि भारत में 70 प्रतिशत किसान के पास ढाई-तीन एकड़ से ज्यादा जमीन नहीं है। "अगर डील हुई तो अनाज उत्पादक, फल-सब्जी उत्पादक, दूध और मीट उत्पादक, तिलहन किसान सभी उजड़ जाएंगे। डेयरी उद्योग और बाजार भी नहीं बचेंगे। काले कृषि कानून रद्द होने के बाद यह सरकार का दूसरा बड़ा हमला है।" नेता ने बताया कि संयुक्त मोर्चे की सभी जत्थेबंदियां 22 तारीख को सुभाष बराला के घर इकट्ठी होकर रोष प्रदर्शन करेंगी। बराला केंद्र में सत्ताधारी दल के सांसद और फतेहाबाद जिले के बड़े नेता हैं, इसलिए उनसे मांग की जाएगी कि वे सरकार पर डील रद्द करवाने का दबाव बनाएं। बैठक के अंत में जगतार सिंह ने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे खेती, रोजगार और कारोबार को बचाने के लिए 22 को भारी संख्या में बराला आवास पर पहुंचकर विरोध दर्ज करवाएं।