पौधों से दोस्ती मन को सुकून देगी। इन्हें देखकर आप हर वक्त तरोताजा महसूस करेंगे। शहर की अंग्रेजी विषय की सेवानिवृत प्रोफेसर रेशम शर्मा को बचपन से ही पौधों से लगाव था। उन्होंने बागवानी के शौक को शादी के बाद भी जिंदा रखा। अब उनके घर में कुल 1000 से अधिक पौधे उगाए गए हैं, जिसमें से गमले, फलदार और छायादार सभी प्रकार के पौधे शामिल है। घर के गमलों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगे हैं। इनमें गुलाब, पाम, गुड़हल, गुलदाउदी, मनी प्लांट, एलोवीरा, स्नेक्स प्लांट सहित कई अन्य वैरायटियां हैं, जो मेरे घर के हर कोने को आकर्षक बना रहे हैं। 800 गज के घर में लॉन बना रखा है। इसमें कढ़ी पत्ता व पाम के पौधे भी लगे हैं। इस बगिया की शुरूआत मैंने जब फतेहाबाद शहर में साल 2000 में अपना घर बनाया था तब मैंने शुरुआत में घर में 10-12 पौधे लगाए और उनकी देखभाल शुरू की। अब यह बगिया 26 वर्ष पुरानी हो चुकी है। ऐसे में पौधों की वैरायटी बढ़ गईं है। नए-नए पौधे घर लाकर लगाने लगी। घर में रखे हैं 500 से अधिक गमले सेवानिवृत प्रो.रेशम शर्मा ने बताया कि मेरे घर में 500 के करीब पौधे गमलों में लगे हैं। इनके अलावा करीब 500 पार्क में लगाए गए हैं, जिसमें गेंदा, गुलाब, मोगरा, चांदनी, पेटूनिया, मधु कामिनी, बेगम बहार, गुलदाउदी, सदाबहार, मधुमालती, गुड़हल, हरसिंगार आदि फूलों की प्रजातियों के पौधे हैं। वहीं, फलदार पौधों में मौसमी, नींबू, आम आदि फलों के पेड़ भी बगिया में शामिल हैं। पौधों से घर की सुंदरता बढ़ रही है। मैं और मेरे पति प्रोफेसर सुभाष शर्मा के अलावा माली राजू भी पौधों की निरंतर देखभाल करते है। नियमित रूप से पौधों को पानी देती हूं, समय-समय पर खाद डालती हूं और इनकी छंटाई करती हूं।