फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

VIDEO : फतेहाबाद के रतिया ब्लॉक समिति चैयरमेन केवल कृष्ण मेहता के पक्ष में उतरा पंजाबी समाज, एसपी से की जांच की मांग

रतिया ब्लॉक समिति के चैयरमेन केवल कृष्ण मेहता पर लगे दुष्कर्म के आरोपी के मामले में आज पंजाबी समाज केवल कृष्ण मेहता के पक्ष में उतरा। रतिया पंजाबी सभा फतेहाबाद के कई वरिष्ठ पंजाबी लघु सचिवालय पहुंची और फतेहाबाद की एसपी को केवल कृष्ण मेहता के मामले में मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में यह मांग की गई है कि केवल कृष्ण मेहता पर जो दुष्कर्म के आरोप लगे हैं, उस मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच करें। पंजाबी समाज के द्वारा केवल कृष्ण मेहता पर लगे आरोपी को राजनीतिक साजिश भी करार दिया गया है। आज मीडिया से बातचीत करते हुए रतिया पंजाबी सभा के प्रधान सतीश हांडा और सचिव कृष्ण ने बताया कि रतिया ब्लॉक समिति के चैयरमेन केवल कृष्ण मेहता को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है और उन पर लगे दुष्कर्म के आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज के द्वारा इस मामले में केवल कृष्ण मेहता से बात की गई है, केवल कृष्ण मेहता ने पंजाबी समाज को यह है भरोसा दिलाया है कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं और जिस महिला ने आरोप लगाए हैं वह उसे जानता तक नहीं। इसलिए आज पंजाबी समाज पंजाबी सभा रतिया फतेहाबाद के कई वरिष्ठ पंजाबी समाज लोगों को साथ लेकर फतेहाबाद की एसपी आस्था मोदी से मिले है और इस मामले में निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। इस पर आस्था मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। पंजाबी समाज ने यह भी चेतावनी दी कि अगर पुलिस केवल कृष्ण मेहता के साथ ज्यादती करती है, तो वह मुख्यमंत्री के समक्ष भी इस मुद्दे को उठाएंगे और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे। गौरतलब है कि सिरसा में रतिया ब्लॉक समिति के चैयरमेन केवल कृष्ण मेहता के खिलाफ दुष्कर्म का मामला बीते दिनों दर्ज हुआ है। इसके बाद जीरो एफआईआर फतेहाबाद सदर थाने में ट्रांसफर कर दी गई है। फतेहाबाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले भी पिछले दिनों केवल मेहता के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन वह पास नही हो पाया। इस मामले में केवल कृष्ण के खिलाफ एक पार्षद के कारण का केस भी रतिया पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था जिस मामले में केवल कृष्ण ने हाईकोर्ट की शरण भी ली थी।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें