नगर परिषद प्रशासन सार्वजनिक शौचालयों को हाईटेक बनाने का दावे कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि 10 हजार से ज्यादा दुकानदारों के लिए मुख्य बाजार में व्यवस्था ही नहीं है। शहर के पालिका बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, धर्मशाला रोड, हंस मार्केट, मोबाइल मार्केट, ठाकर बस्ती के दुकानदारों को भटकना पड़ रहा है। फिलहाल हालात ये है कि शहर के लालबत्ती चौक से लेकर जवाहर चौक तक सिर्फ एक ही शौचालय है। थाना रोड पर बना चाबी वाला शौचालय करीब एक साल से बंद है। इस शौचालय को नगर परिषद ने जर्जर घोषित करके बंद कर दिया था। इस शौचालय से पालिका बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, धर्मशाला रोड, हंस मार्केट के दुकानदारों को फायदा हो रहा था। लेकिन इसे बंद करने के बाद दुकानदारों को परेशानी हो रही है। शहर फतेहाबाद में पार्को समेत 15 शौचालय है इसमें तीन शौचालर्यो को जर्जर घोषित करके बंद किया जा चुका है। इसमें नगर परिषद परिसर, रतिया चुंगी, थाना रोड का शौचालय शामिल है। रतिया चुंगी का शौचालय करीब तीन साल से बंद है। मोबाइल मार्केट के दुकानदार जाएं तो कहां नगर परिषद परिसर में शौचालय निर्माणधीन है, भवन तैयार हो चुका है लेकिन पलंबर सबंधित काम न होने से पालिका बाजार, मोबाइल मार्केट और लालबत्ती चौक क्षेत्र के दुकानदार परेशान है। हालात ये है कि नगर परिषद की दीवारों पर ही बाथरूम किया जा रहा है। सफाई के लिए नहीं व्यवस्था, शाम 7 बजे हो जाता है बंद नगर परिषद ने तीन साल पहले शौचालयों को सफाई के लिए एजेंसी को ठेके पर दिया था। लेकिन ये ठेका विवादों में रहा था। इसके बाद शौचालयों को ठेके पर नहीं दिया गया। हालात ये है कि नगर परिषद के कर्मचारी सफाई कर रहे है। दो शौचालयों को सफाई के लिए स्वयं सहायता समूह को ठेके पर दिया हुआ है। पुराना बस स्टैंड के सामने बने शौचालय के दरवाजे शाम 7 बजे बंद हो जाते है।