नागरिक अस्पताल के कायाकल्प अवार्ड के लिए जींद से आई टीम ने प्री-असेसमेंट किया। इस दौरान टीम को अस्पताल में कई खामियां मिलीं। आपातकाल वार्ड में डॉक्टर और स्टाफ टीम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ब्लड बैंक में पंखे तक खराब पाए गए, जिससे मरीजों और कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है। टीम ने दोपहर 12 बजे निरीक्षण किया। दो टीमों ने अस्पताल में व्यवस्था को जांचा और मरीजों से भी फीडबैक लिया। अस्पताल प्रशासन खुद 70 फीसदी अंक दे चुका है, अब टीम अगर पास करती है तो राज्य से टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। हालांकि पिछले तीन सालों से अस्पताल कायाकल्प अवार्ड से बाहर हो रहा है। मंगलवार दोपहर को पहुंची टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्वच्छता और सुविधाओं की कमी स्पष्ट रूप से देखी गई। आपातकाल वार्ड में डॉक्टर के पास हैंडवाश की सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी, जो संक्रमण नियंत्रण के लिए आवश्यक है। यहां तक आपातकाल वार्ड में डॉक्टर के पास मौजूद कर्मचारी सवालों के जवाब नहीं दे पाए। ब्लड बैंक में डस्टबिन के पोस्टर गलत लगे हुए थे, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। टीम ने यह भी पाया कि कई कर्मचारी बिना पहचान पत्र के काम कर रहे थे, जो सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।