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VIDEO : अब रतिया पंचायत समिति चेयरमैन के खिलाफ लामबंद हुए सदस्य, 22 में से 16 सदस्य विरोध में

भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 19 Nov 2024 06:21 PM IST

भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और रतिया पंचायत समिति के चेयरमैन केवल मेहता की कुर्सी पर अब खतरा मंडराने लगा है। पंचायत समिति के 22 में से 16 सदस्यों ने चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान कर दिया है। अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने की मांग को लेकर पंचायत समिति सदस्याें ने मंगलवार को डीसी मनदीप कौर को ज्ञापन सौंपा। सूत्रों के अनुसार रतिया विधानसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार रही पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस समर्थित चेयरमैन को हटाने के लिए सक्रिय हो गई थी। पिछले कुछ दिनों से अपने समर्थकों की ड्यूटी भी पंचायत समिति सदस्यों से मिलने और केवल मेहता को हटाने में लगाई हुई है। इस योजना के तहत मंगलवार को सभी सदस्य एकजुट होकर डीसी से मिलने पहुंचे।  डीसी से मिलने आए पंचायत समिति के उपाध्यक्ष अवतार सिंह, जयवीर भरपूर, बग्गा सिंह, पालो कौर, सुखदीप कौर, विकास कुमार, जसबीर कौर, सिमरनजीत कौर, आशा रानी, लखा राम, ऊषा रानी, मनजीत सिंह, सुमनप्रीत कौर, सुनील कुमार, राजविंद्र कौर व नवीन ने बताया कि केवल मेहता के पास बहुमत नहीं है, इसलिए उन्हें नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देना चाहिए। डीसी को सौंपे ज्ञापन में 17 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। किसी कारणवश एक सदस्य डीसी से मिलने वालों के साथ नहीं आ सका। इन सदस्यों ने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में चेयरमैन के खिलाफ 20 से ज्यादा सदस्य वोटिंग करेंगे। कांग्रेसी विधायक के लिए भी अपने समर्थित चेयरमैन की कुर्सी बचाना चुनौती गौरतलब है कि पंचायत समिति चेयरमैन केवल मेहता पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा के खासमखास हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर लक्ष्मण नापा ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी। उस समय केवल मेहता भाजपा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भी थे। हालांकि, पूर्व विधायक नापा के कांग्रेस के जाने के बाद भी केवल मेहता ने भाजपा नहीं छोड़ी थी। मगर विधानसभा चुनाव में पंचायत समिति के अधिकतर सदस्य कांग्रेस उम्मीदवार जरनैल सिंह के समर्थन में चले गए। इसके बाद केवल मेहता भी अपनी कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस में शामिल हो गए। मगर प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही केवल मेहता की कुर्सी की उल्टी गिनती शुरू हो गई। अब केवल मेहता को भाजपा से बगावत करने पर अपनी कुर्सी भी गंवानी पड़ सकती है। रतिया के मौजूदा विधायक जरनैल सिंह के लिए भी उनके समर्थन में आए केवल मेहता की कुर्सी बचाना बड़ी परीक्षा रहेगी। चेयरमैन की कुर्सी गई तो सरपंच भी कांग्रेस के पाले से खिसकेंगे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर विधायक जरनैल सिंह चेयरमैन केवल मेहता की कुर्सी बचाने में सफल रहे तो क्षेत्र में उनके समर्थक टीके रहे सकते हैं। अगर केवल मेहता की कुर्सी गई तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने वाले सरपंच भी जल्द ही भाजपा के पाले में आते नजर आएंगे। चुनाव संपन्न होने के बाद कई दिनों से ठंडी पड़ी जिले की राजनीति को अब पंचायत समिति और जिला परिषद के जरिए गर्म हवा दी जा चुकी है।

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