इनेलो नेता कुणाल कर्ण सिंह ने टोहाना एडिशनल अनाज मंडी में सरकारी धान खरीद व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम कार्यालय में सीएम नायब सैनी, कृषि मंत्री श्याम सिंह के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि किसान आज मजबूरी के हालात में खड़ा है। अनाज मंडी का दौरा करने पर पता चला कि किसान पर एक नहीं अनेकों मार पड़ रही है। कुणाल ने कहा कि पूरे प्रदेश में खरीद में मिलीभगत चल रही है। राइस मिल मालिक सीधे अनाज मंडी में जाकर फसल खरीद रहे हैं। वेयर हाउस और हैफेड एजेंसी के अधिकारी गायब हैं। जिस दिन वे मंडी गए, एजेंसियों के अधिकारी साढ़े ग्यारह बजे तक मंडी नहीं पहुंचे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रात को सरकार इनको सुलाने आती है, कमीशन घर पहुंच जाता है तो सुबह उठकर आने की जरूरत ही क्या है। उन्होंने कहा कि सरकार 17 प्रतिशत नमी वाली जीरी ही खरीद रही है, जबकि इनेलो की मांग है कि 18 प्रतिशत नमी तक की फसल बिना रोक-टोक खरीदी जाए। इससे अधिक नमी होने पर मंडी में ही 50 एकड़ में अलग व्यवस्था कर फसल सुखाकर नमी कंट्रोल करने का काम सरकार करे। कुणाल ने 28 क्विंटल प्रति एकड़ की लिमिट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने रोक लगा दी है कि 28 क्विंटल से ज्यादा नहीं खरीदेंगे, जबकि पीआर किस्म की पैदावार इससे कहीं ज्यादा है। हमने एसडीएम से मांग रखी है कि लिमिट 40 क्विंटल प्रति एकड़ की जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से ये सारे मुद्दे मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री तक पहुंचाने की मांग की है। यदि सरकार ने नहीं सुनी तो 2029 में इनेलो सरकार बनने पर चौधरी अभय सिंह चौटाला पहली कलम से किसान हित में ये सारे फैसले लागू करेंगे।