हरियाणा की अनाज मंडियों में गेहूं की फसल बेचने के लिए सरकार द्वारा लागू की गई नई शर्तों ने तूल पकड़ लिया है। फसल बेचने के समय किसान का बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाना और ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ फोटो खिंचवाने की अनिवार्यता के खिलाफ पूरे प्रदेश में रोष व्याप्त है। सोमवार को रतिया में पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति' के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने सरकार के इस फैसले को तुगलकी फरमान' करार देते हुए मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान के नेतृत्व में लामबंद हुए किसानों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि एक किसान के खेत में गेहूं की कई ट्रालियां निकलती हैं। ऐसे में किसान का हर ट्रॉली के साथ खुद मंडी आकर बार-बार बायोमेट्रिक अंगूठा लगाना और फोटो खिंचवाना व्यावहारिक रूप से असंभव है।खेती के सीजन में किसान खेतों में व्यस्त होता है, ऐसे में इन कागजी औपचारिकताओं के कारण फसल की सुचारू खरीद में भारी बाधा आ रही है। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान ने कहा कि सरकार किसानों को बेवजह परेशान कर रही है। अगर यह शर्तें तुरंत वापस नहीं ली गईं, तो पूरे प्रदेश में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिजली, पानी और अन्य व्यवस्थाओं के बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके उलट है। मंडियों में न तो पीने के पानी का उचित प्रबंध है और न ही टूटी हुई सड़कों की मरम्मत की गई है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन मार्केट कमेटी के सचिव को सौंपा। इस संबंध में मार्केट कमेटी के सचिव राजकुमार गुरी ने बताया की किसानों की ओर से बायोमेट्रिक और फोटो की शर्त हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है, जिसे उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा।सचिव ने दावों का खंडन करते हुए कहा कि मंडी में किसानों के लिए बिजली, पानी और रेस्ट हाउस में खाने-पीने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह के साथ उप-प्रधान ओमप्रकाश, लोकल कमेटी प्रधान गुरप्यार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।