शहीद चौक के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और जन संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरना 3 अगस्त से शहीद चौक पर चल रहा है। किसानों ने चौक पर नारेबाजी कर प्रशासन से 15 अगस्त से पहले ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और सामाजिक संगठन के लोग मौजूद रहे। किसान नेता रमेश डांगरा ने कहा कि "शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमाओं वाला यह चौक हमारी आन-बान-शान है। प्रशासन पिछले कई सालों से इसे अनदेखा कर रहा है। गंदगी, टूटी टाइलें और बदहाल हालात देखकर हर देशभक्त का दिल दुखता है। अगर 15 अगस्त तक चौक के कायाकल्प के लिए बजट और टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो हम 15 अगस्त को यहां होने वाले सरकारी कार्यक्रम का विरोध करेंगे और किसी भी नेता को मंच पर नहीं बोलने देंगे।" धरने के दौरान किसानों ने कहा कि शहीदों के सम्मान में ही चौक का विकास होना चाहिए, न कि खानापूर्ति। धरना कमेटी ने अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कही। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई लिखित आश्वासन नहीं मिला है।