भाखड़ा नहर में बहते हुए एक गोवंश की जान उस समय संकट में पड़ गई जब वह बलियाला हेड क्षेत्र के पास पानी के तेज बहाव ओर पानी की झलों में फंस गया। नहर के तेज प्रवाह में फंसे इस बेजुबान को बचाने के लिए सहारा रेस्क्यू टीम ने उल्लेखनीय साहस और सेवाभाव का परिचय दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोवंश कई मिनटों तक झलों में फंसा रहा और पानी की धार उसे लगातार धकेलती रही। जैसे ही वह बहकर आगे की ओर निकला, तो मौके पर मौजूद सहारा रेस्क्यू टीम के सेवादारों और अन्य राहगीरों ने उसे बचाने का प्रयास किया। हालांकि नहर के किनारे लगी लोहे की ग्रिल के कारण उसे बाहर निकालना संभव नहीं हो पाया। टीम ने हार नहीं मानी और लगातार 1 किलोमीटर तक नहर के किनारे-किनारे उसका पीछा किया। अंततः एक जगह जहां ग्रिल टूटी हुई थी, वहां से सभी सेवादारों ने मिलकर अथक प्रयास करते हुए गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम के सक्रिय सदस्य और स्नेक रेस्क्यूअर नवजोत ढिल्लों ने बताया जानवरों की सेवा ही असली मानवता है। हम हर जान को बचाने का प्रयास करते हैं, चाहे वह जंगल का जीव हो या शहर की गलियों में भटकता पशु सभी के लिए प्रयास करना चाहिए।