लगातार हो रही बारिश ने कादमा क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में बाजरा पूरी तरह गल चुका है और सिरटी पड़ी–पड़ी हरी हो गई है। ग्वार, मूंग और कपास की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र के किसानों ने सरकार से उनकी सुध लेकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। गांव कादमा के किसान रामपाल, राजेंद्र, मामन और सुंदरपाल, प्रवीन, विरेंद्र स्वामी व विरेंद्र पहलवान ने बताया कि किसानों की हालत अब ऐसी है कि परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। किसानों ने कहा कि सरकार सिर्फ कागजों में राहत देती है जबकि असल में हमें कुछ नहीं मिलता। हर साल यही धोखा होता है। किसानों का दर्द है कि पहाड़ी इलाकों में सब्जी के मौसम में जंगली जानवर खेतों को उजाड़ देते हैं। इस बार तो लगातार हुई बारिश ने बाजरा, ग्वार, मूंग और कपास की फसल चौपट कर दी। मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी किसानों की मांग है कि तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।