चरखी-दादरी में लाइसेंसऔर डिग्री बिना क्लीनिक चलाकर मरीजों का उपचार करने की लापरवाही पर संज्ञान लेकर दादरी स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. शीतल पर केस दर्ज करवा दिया है। उनके क्लीनिक पर शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री उड़नस्ते की अगुवाई में संयुक्त टीम ने दबिश दी थी और वो टीम के समक्ष डिग्री या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाई थी। क्लीनिक पर कार्रवाई पूरी होने के बाद मेडिकल ऑफिसर डॉ. उदयभान ने दादरी शहर थाना पुलिस को शिकायत सौंपी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सूचना मिली थी कि सरदार झाडू सिंह चौक के समीप डॉ. शीतल मीनू धर्मार्थ चिकित्सालय चलाकर मरीजों का उपचार करती हैं। इस आधार पर संयुक्त टीम ने क्लीनिक पर दबिश दी तो वहां डाॅ. शीतल हाजिर मिली। उनसे क्लीनिक चलाने व इलाज करने से संबंधित कागजात मांगे तो सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन मेंबरशिप पेश किया जो इंस्टीट्यूट ऑफ पीएमसीआई पीईआरयूपी की ओर से जारी किया मिला। बीईएमएएस सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ बीईएमएस प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ वर्ष की डीएमसी दिखाई गई। डाॅ. शीतल ने बताया कि यह बिल्डिंग किराये पर ली हुई है व इसके साथ ही नजदीक मे दूसरी बिल्डिंग मे 4 बैड डाले हुए हैं और वहां लैब भी संचालित है। मरीजों के बयान किए दर्ज टीम को दूसरे भवन में एक मरीज को भर्ती मिला जिसका एलौपैथिक दवाओं से उपचार किया जा रहा था। इसके अलावा मूर्ति और तमन्ना नामक महिला भी क्लीनिक पर उपचार कराने के लिए आई हुई थी। टीम ने इन मरीजों के बयान भी दर्ज किए। इन धाराओं के तहत की कार्रवाई की सिफारिश मेडिकल ऑफिसर डॉ. उदयभान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि डॉ. शीतल ने बिना लाइसेंस व डिग्री के इलाज करके मरीजों के स्वास्थ के साथ खिलवाड़ व उनसे धोखाधडी की है। इसके तहत एनएमसी एक्ट सेक्शन 34 का उल्लंघन है और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए।