अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय चरखी दादरी में पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता जितेंद्र बघेल एआईसीसी सचिव एवं हरियाणा सह प्रभारी ने मीडिया से बात की। जितेंद्र बघेल ने कहा कि मनरेगा कोई दया या सरकारी योजना नहीं है बल्कि गरीब, वंचित, पीड़ित और असहाय वर्ग के लोगों के लिए रोजगार का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह कानून कांग्रेस पार्टी द्वारा लाया गया था ताकि ग्रामीण भारत के करोड़ों परिवारों को सम्मान के साथ काम और जीवनयापन का साधन मिल सके। उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा को जानबूझकर कमजोर कर रही है। बजट में लगातार कटौती, मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान न होना, काम की उपलब्धता कम करना और तकनीकी बाधाओं के नाम पर गरीबों को परेशान करना, ये सभी मनरेगा को को खत्म करने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि गरीब का रोजगार छीना जा रहा है और उसकी आवाज दबाई जा रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी। जितेंद्र बघेल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक जनआंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचेगा तो गांव बचेगा, गरीब बचेगा और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।