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VIDEO : चरखी दादरी : संसार की कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं :स्वामी ज्ञानानंद

भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 27 Nov 2024 06:48 PM IST

चरखी दादरी शहर स्थित कीकरवासनी क्षेत्र स्थित बड़ा हनुमान मंदिर में ब्रह्मलीन संत श्रीरामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज की 44वी पुण्य तिथि पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कृष्ण जन्म के प्रसंग शुरू होते ही पांडाल में मौजूद श्रद्धालु नंद के घर आनंद भया जय कन्हैया लाल की भजनों के साथ झूम उठे। वहीं, श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी कर मक्खन मिश्री के प्रसाद का भोग लगाकर वितरित किया। कथा में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि जीवन में जब भी भगवत नाम सुनने का अवसर प्राप्त हो, उससे विमुख नहीं होना चाहिए। भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि जब- जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब- तब परमात्मा अवतार धारण करके धरती पर धर्म की स्थापना करते हैं। कृष्ण जन्म की कथा के पूर्व भगवान राम के अवतार की लीला का वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने आदर्श स्थापित किया है, वह आज भी प्रासंगिक है। स्वामी ने राम जन्म, ताड़का वध, राम विवाह, वनवास, रावण वध सहित राम राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि द्वापर में जब कंस के अत्याचार बढ़े तो श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर मुक्ति दिलाई। उन्होंने बताया कि भगवान संसार से जुड़े भी हैं और अलग भी हैं। आकाश में बादल रहता है और बादल के अंदर भी आकाश तत्व है। बादल के गायब होने पर भी आकाश गायब नहीं होता। इसी तरह संसार गायब होने पर भी परमात्मा गायब नहीं होते। संसार की कोई भी वस्तु भगवान से अलग नहीं है। सृष्टि का सार तत्व परमात्मा है। इसलिए असार यानी संसार के नश्वर भोग पदार्थों की प्राप्ति में अपने समय, साधन और सामर्थ्य को अपव्यय करने की जगह हमें अंतर के परमात्मा को प्राप्त करने का लक्ष्य रखना चाहिए। इसी से जीवन का कल्याण संभव है। इस अवसर पर मंदिर कार्यकारिणी एवं ट्रस्ट के प्रधान जीतराम गुप्ता, ट्रस्टी सुरेश वशिष्ठ,राकेश अरोड़ा,मनोज जांगिड़, शिवचरण लाला, जयप्रकाश , अजय , प्रहलाद शर्मा, पुजारी केशव पंत, रमेश वशिष्ठ, सुंदर लाल महेंद्रा, विशाल आदि मौजूद रहे।

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