खंडरा के लाल नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा दिया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भाला फेंक फ़ाइनल में नीरज ने अपने चिर-परिचित अंदाज में 85.83 मीटर के साथ रजत पदक देश की झोली में डाल दिया। इस ऐतिहासिक जीत की खबर मिलते ही नीरज के पैतृक गांव खंडरा में जश्न का माहौल बन गया। नीरज की इस उपलब्धि पर उनके पिता सतीश कुमार और माता सरोज देवी की आंखें खुशी से छलक आईं। जीत के बाद माता सरोज देवी ने कहा कि हमारे बेटे की मेहनत और देशवासियों की दुआएं रंग लाई हैं। नीरज ने एक बार फिर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। वहीं पिता सतीश कुमार ने कहा कि नीरज का समर्पण ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, वह हर प्रतियोगिता में देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करता है। नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नीरज ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। उसने यह साबित कर दिया है कि निरंतर मेहनत और अनुशासन से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।