असम में भारतीय वायुसेना के सुखोई सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान हादसे में वीरवार को बलिदान हुए स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ का शव शनिवार को उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा। गांव में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई मनुज ने उनको मुखाग्नि दी। पिता आनंद वशिष्ठ ने कहा कि होली के दिन ही बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। अनुज ने जल्द घर आने की बात कही थी लेकिन यह नहीं पता था कि वह तिरंगे में लिपटकर आएगा। शहीद पोते अनुज का शव देख दादा महावीर भावुक हो उठे। बोले-पोते ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है। हमें उस पर नाज है।