रविवार को भिवानी में एक्यूआई 394 पहुंचने के बाद एक बार फिर दिल्ली के मुकाबले जिले की आबोहवा भी सबसे अधिक प्रदूषित हो गई। हवा में बढ़े प्रदूषण को कम करने के लिए शहर की सड़कों पर भी पानी का छिड़काव कराया गया। लगातार एक सप्ताह से भिवानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। हालांकि जिला प्रशासन पहले ही पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी और हिदायतें जारी कर चुका है। स्मॉग की वजह से दिन में ही अंधेरा छाया रहा। पर्यावरण पर छाए संकट की वजह से पीडब्ल्यूडी सहित संबंधित सरकारी विभागों की सभी निर्माण परियोजनाओं पर काम बंद पड़ा है। रविवार को दिनभर मौसम में स्मॉग छाया रहा और दृश्यता भी 30 मीटर से कम बनी रही। हालांकि तेज हवा चलने की वजह से हल्की शीत लहर का भी अहसास हुआ। मगर हवा में बने प्रदूषण की वजह से सांस लेने में भी लोगों को परेशानी हुई। ग्रेप तीन के आदेशों के बावजूद भिवानी में एक्यूआई करीब 400 का आंकड़ा छूने को बेताब है। अगर प्रदूषण का स्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो जिले में प्राथमिक कक्षाओं तक के विद्यालयों को बंद करने की भी नौबत आ सकती है, क्योंकि सांस लेने में छोटे बच्चों और बुजुर्गाें को सबसे अधिक परेशानी होगी।