सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जिला स्तर पर प्रदर्शन करते हुए उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी कड़ी में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व सीटू के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी बीर सिंह पार्क में एकत्रित हुए तथा प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप 12 फरवरी की हड़ताल का नोटिस दिया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुमेर आर्य व सीटू के जिलाध्यक्ष कुलदीप बड़वा ने संयुक्त रूप से की। मांगों को लेकर संघ ने 12 फरवरी की हड़ताल के लिए एक विस्तृत मांग पत्र जारी किया है, जिसमें कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, राज्य के कर्मचारियों के लिए अलग वेतन आयोग का गठन करने, समान काम-समान वेतन लागू करना और कौशल रोजगार निगम को भंग कर सीधे विभागों के माध्यम से भर्ती करना, सभी कर्मचारियों और जनता के लिए बिना किसी शर्त के मुफ्त इलाज की व्यवस्था, हर 5 साल की सेवा पर समयबद्ध पदोन्नति का लाभ देने, बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में नए पदों का सृजन करना और खाली पदों पर पक्की भर्ती करने की मांग की गई। ज्ञापन में महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश के साथ-साथ बच्चे दानी के ऑपरेशन पर दो माह के विशेष अवकाश की मांग की गई है। साथ ही, आयकर सीमा को 4 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने और डीए को कर मुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। कर्मचारी संघ ने कहा कि यदि सरकार उच्च न्यायालय के आदेशों को लागू करने में विफल रहती है और कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करती, तो 12 फरवरी 2026 को होने वाली हड़ताल की जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।