सोशल मीडिया पर किसी भी हथियार का सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर न केवल आर्म्ज एक्ट के तहत मामला दर्ज होगा, बल्कि लाइसेंसी हथियार को भी पुलिस जब्त कर लेगी। यह बात भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने ऑपरेशन ट्रैक डाऊन के तहत पकड़े गए अपराधियों का विवरण देते हुए पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने बताया कि संगठित अपराध को लेकर अब बदमाशों के लिए हरियाणा में कोई भी जगह नहीं है। उन्हें या तो हरियाणा से बाहर होना होगा या फिर जेल की कालकोठरी में जाना होगा। उन्होंने बताया कि अब तक संगठित अपराध के तहत एक हजार के करीब गंभीर अपराधियों को ऑपरेशन टैक डाऊन के तहत पकड़ा जा चुका है तथा भिवानी जिला से 23 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि ऑपरेशन ट्रैक डाऊन के तहत भिवानी जिले के गांव रिवासा के तीन बदमाशों विशांत, ओमबीर व योगेश को पकड़ा है। उनके पास से दो पिस्तौल, चार मैग्जीन व चार कारतूस भी बरामद किए है। उन्होंने बताया कि ये बदमाश मध्य प्रदेश में जहां से हथियार लेकर आए थे, उस जगह पर भी पुलिस भेजकर उन्हें हथियार सप्लायर को पकडऩे का कार्य किया जा रहा है। वहीं उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में तोशाम के एक संगठित अपराध के पुराने मामले में सोनू व विकास दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सोनू पिंजोखरा का निवासी है तथा विकास गारनपुरा का निवासी है। वहीं एक तीसरे मामले में उन्होंने बताया कि फिरौती के मामले में राजस्थान के चुरू से लक्ष्मण को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संगठित अपराध को लेकर हरियाणा पुलिस संजीदा है। उन्होंने कहा कि जो भी बदमाश विदेशों से फोन करके लोगों को डराने का काम करते है। आज उनकी हरियाणा में घुसने की हिम्मत नहीं है। उनका कार्य सिर्फ फोन करने तक सीमित रह गया है, इस पर भी जल्द ही अंकुश लगाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि लोगों को धमकाकर उनसे एक्सटोरशन मनी कहे या भीख मांगने वाले अपराधियों से युवाओं को दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के आईकोन शहीद भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भारतीय फौज व प्रदेश के खिलाड़ी व किसान होने चाहिए, जो राज्य व देश के लिए गौरव की बात होगी।