राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लोहड़ में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय एकता शिविर के चौथे दिन स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय एकता, समाजसेवा और आत्मविकास के भाव को आत्मसात करते हुए पूरे मनोयोग से सहभागिता की। इस दौरान प्रथम सत्र की मुख्य अतिथि प्रो. पुष्पदीप डागर राजकीय महिला महाविद्यालय रोहतक प्राध्यापिका रहीं। उन्होंने राष्ट्र प्रथम के भाव को सर्वोच्च स्थान देने का संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता, कर्तव्य, दायित्व, ईमानदारी तथा माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान ही एक शुद्ध राष्ट्र की नींव हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को मैं की भावना छोडक़र हम के भाव को अपनाने, आदर्श बालक, आदर्श पुत्र और आदर्श नागरिक बनने तथा अपने भीतर की शक्तियों को जागृत करने के लिए प्रेरित किया। प्रो. डागर ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि मोबाइल का अति प्रयोग उन्नति में बाधा बनता है, इसलिए उसका सीमित व उपयोगी प्रयोग ही करें।