अब किसानों को बाजरे की निजी बिक्री करने पर भी 625 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भावांतर योजना के तहत सरकार द्वारा सीधे खाते में दिया जाएगा। इसके साथ ही इस बार बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद एक अक्तूबर के बजाय मंगलवार से मंडियों में शुरू कर दी गई है। हैफेड और हरियाणा राज्य भंडारण निगम (एचएसडब्ल्यूसी) के माध्यम से प्रदेशभर में 60:40 के अनुपात से बाजरे की सरकारी खरीद की जाएगी। 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर पंजीकृत किसानों द्वारा ई-खरीद पोर्टल पर की गई प्राइवेट बिक्री पर ही भावांतर भरपाई योजना का लाभ मिलेगा। हालांकि इस बार प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ के हालातों के कारण बाजरा और अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं इसलिए मुख्य तौर पर भिवानी जिले में पंजीकृत किसानों की बाजरा की खरीद लक्ष्य से आधी रहने की संभावना है। खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान बाजरा की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू हुई। केवल वही किसान लाभान्वित होंगे जिनका पंजीकरण और सत्यापन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर हो चुका है।