मंडियों में शनिवार से सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। वहीं एक अप्रैल से गेहूं की खरीद भी मंडियों में शुरू हो जाएगी। हालांकि इनदिनों सरसों की सरकारी खरीद पर निजी खरीद हावी है, क्योंकि सरकार द्वारा सरसों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य 6200 रुपये दिया जा रहा है, जबकि मार्केट में किसानों की सरसों के 6500 से 6600 प्रति क्विंटल के भाव मिल रहे हैं। वही गेहूं का सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये निर्धारित किया है। भिवानी जिला मुख्यालय की अनाज मंडी के कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव देवेंद्र ढूल ने बताया कि शनिवार से शुरू होने वाली सरसों खरीद को लेकर व्यापक व्यवस्था की गई है। इसके लिए चार शैड बनाए गए है, ताकि बारिश जैसी स्थिति होने पर सरसों भीगने से बचाया जा सकें। इसके अलावा तिरपाल की अतिरिक्त व्यवस्था के भी निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि भिवानी अनाज मंडी में 300 क्विंटल के लगभग सरसों की आवक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अकेले भिवानी में सरसों के लिए तीन खरीद केंद्र, एक सब यार्ड तथा अनाज मंडी में सरसों खरीद होगी। उन्होंने बताया कि अबकी बार सरकार के आदेशों पर गेट पास बनने के बाद ही सरसों की ट्रॉली मंडी में प्रवेश कर पाएगी। इसके लिए किसान की बायोमैट्रिक सत्यापन होगा, जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर अपना रिकॉर्ड दर्ज कराया है, वे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो को पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके बाद ही गेट पास जारी होगा तथा मंडी में प्रवेश करने पर किसानों की बायोमैट्रिक भी दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरसों में 8 प्रतिशत तथा गेहूं में 12 प्रतिशत नमी की सीमा तय की गई है। किसान अपनी फसल को सुखाकर लाए, ताकि उन्हें मंडी में उचित दाम मिल सकें।