संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा उपमंडल परिसर लोहारू में चल रहा अनिश्चितकालीन महापड़ाव बुधवार को 239वें दिन भी जारी रहा। महापड़ाव को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने भिवानी और दादरी जिलों के किसानों की कपास बीमा क्लेम राशि में हुए लगभग 350 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की न्यायिक जांच कराने की मांग को दोहराया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता कर्ण सिंह जैनावास ने कहा कि भिवानी और दादरी जिले के किसानों की कपास बीमा क्लेम राशि में करीब 350 करोड़ रुपये का घोटाला क्षेमा कंपनी द्वारा किया गया है। किसान पिछले आठ महीनों से इस घोटाले की जांच और बकाया भुगतान की मांग को लेकर लोहारू में धरने पर डटे हुए हैं। उन्होंने हरियाणा सरकार से इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करवाने और दोषी अधिकारियों तथा कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। रणबीर ढाणी टोडा ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को विभिन्न पोर्टलों में उलझाकर परेशान कर रही है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा, क्षतिपूर्ति पोर्टल, मंडियों में फसल बेचने के लिए गेट पास तथा डीएपी और यूरिया खाद के लिए किसानों को साल भर कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सीएससी केंद्रों के माध्यम से किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और किसानों को इनसे मुक्ति दिलाई जानी चाहिए।