डेंगू के जिले में 108 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इसी के साथ नगर परिषद और ग्राम पंचायतें भी फॉगिंग के लिए अब सक्रियता दिखा रही हैं। हालांकि शाम के समय गांवों और शहरी वार्डों में लगातार फॉगिंग का काम चल रहा है। नगर परिषद ने फॉगिंग के लिए पांच टीमों का गठन किया हुआ है। जबकि दो टीमें पॉजिटिव केस मिलने के बाद संभावित इलाकों में लगातार फॉगिंग में जुटी है। वहीं एक पखवाड़े तक डेंगू और मलेरिया का संक्रमण पीक पर रहने की संभावना है, इसके बाद मच्छर का खतरा कुछ कम होगा। हालांकि मौसम में बदलाव के बाद ठंड बढ़ी है। इसकी वजह से रात के समय तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है। न्यूनतम तापमान भी 14 से 15 डिग्री तक ही आंका जा रहा है जबकि अधिकतम तापमान भी 28 से 30 डिग्री के आसपास टिका है। ऐसे मौसम में मच्छर के लारवा के पनपने की संभावनाएं बहुत कम हो गई हैं, लेकिन वयस्क मच्छर अब भी लोगों की सेहत पर अपने डंक का असर जरूर छोड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स गिर रही हैं। इसकी वजह से भी लोग वायरल बुखार और डेंगू को लेकर भ्रमित हो रहे हैं। ऐसे में उन्हें खून के नमूनों की जांच कराकर उचित उपचार लेना जरूरी है। शहरी दायरे में नगर परिषद की पांच टीमें फॉगिंग के काम पर लगाई गई हैं। जबकि नगर परिषद के पास छह फॉगिंग मशीनें चालू हालत में हैं, जिनसे लगातार शहरी दायरे में फॉगिंग का काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग जहां पर भी डेंगू संभावित मरीजों की पुष्टि करता है वहां पर तत्काल प्रभाव से फॉगिंग कराई जा रही है। -भवानी प्रताप सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि, नगर परिषद भिवानी। स्वास्थ्य विभाग वायरल बुखार और डेंगू बुखार को लेकर काफी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। सभी स्वास्थ्य कर्मचारी अपने इलाकों में सर्वेक्षण कर बुखार पीड़ितों की पहचान कर रहे हैं। डेंगू पॉजिटिव केस सामने आने पर वहां नियमित फॉगिंग और रेपिड सर्वे भी कराया जा रहा है। हमारा अनुरोध यही है कि शहरी और ग्रामीण दायरे में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए तो संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है। -डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।