मुंढाल खुर्द के पंचायत घर में मंगलवार को चौपाल कार्यक्रम में गांव को तहसील और जिला हांसी से जोड़ने की पुरजोर मांग उठी। ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि मुंढाल खुर्द, मुंढाल कलां और बांडाहेड़ी को एकजुट कर महाग्राम घोषित किया जाए और गांव में महिला कॉलेज, सरकारी अस्पताल और खिलाड़ियों के लिए खेल सुविधाएं मिले। इसके अलावा चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीणों ने सप्ताह भर के लिए सिंचाई का पानी, बरसाती जलभराव से निजात, पर्याप्त बिजली-पानी की भी मांग रखी। चौपाल कार्यक्रम में मुंढाल खुर्द के सरपंच डॉ हर्षवीर ढुल और बांड़ाहेड़ी के सरपंच मनीष बैनीवाल मौजूद रहे। चौपाल कार्यक्रम में गांव मुंढाल खुर्द के पूर्व सरपंच महावीर जांगड़ा, सुजेंद्र मान, पूर्व सरपंच उमेद सिंह शर्मा, ऋषि जांगड़ा, रवि मुंढाल, हरेंद्र मुंढालकलां, जयवीर सिंह, सत्यवान व दयाकिशन ने कहा कि मुंढाल कभी राजनीतिक रूप से समृद्ध रहा था, मगर अब राजनीतिक उपेक्षा का शिकार हो गया है। राजनीतिक पिछड़ापन की वजह से यहां से सरकारों ने भी अब मुंह मोड़ लिया है। मुंढाल को तहसील बनाए जाने की मांग आसपास के 17 गांवों ने उठाई है। जिसका ग्राम पंचायतों की ओर से प्रस्ताव भी सौंपा जा चुका है। हांसी जिला बनने के बाद अगर मुंढाल को तहसील बनाया जाता है तो उसे हांसी से जोड़ा जाए। फिलहाल मुंढाल भिवानी तहसील के अधीन आता है। गांव में कोई बड़ा अस्पताल नहीं है, ना ही बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए कोई कॉलेज बना है।