गांव बख्तावरपुरा को वीरों की जन्मभूमि के नाम से जाना जाता है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गांव के जवानों ने चीन के साथ युद्ध से लेकर विदेशी धरती पर चलाए गए शांति मिशन में भी भाग लिया। आज भी गांव के काफी युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। इस गांव को करीब 350 वर्ष पूर्व बख्तावर सिंह जाखड़ ने बसाया था। उन्हीं के नाम पर गांव का नाम बख्तावरपुरा रखा गया। गांव में करीब 1060 मतदाता हैं और जनसंख्या लगभग 3000 के आसपास है। सामाजिक संतुलन की दृष्टि से बख्तावरपुरा एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां 1000 पुरुषों के पीछे 1000 महिलाएं हैं। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं बल्कि गांव की सामाजिक सोच और समानता की भावना को दर्शाता है।